गर्मी की छुट्टियों को कैसे बनाया जाए मजेदार

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Pic credit: Livelife.com

बच्चों की गर्मियों की छुट्टियां शुरू हो चुकी है। हम पेरेंटस को हमेशा बच्चों से शिकायत रहती है कि बच्चे अगर घर में है तो सिर्फ मोबाइल या टीवी से चिपके रहते है। आप इन गर्मियों की छुट्टियों में ना सिर्फ बच्चों की हॉलिडे होमवर्क पर ध्यान दें बल्कि उसे कैसे एक अच्छा इंसान बना सके इसके बारें में सिखाएं। नैतिक शिक्षा के ऊपर जोर दें।

अब वो जमाने चलें गए जब बच्चे समर वेकेशन के दौरान अपनी नानी, दादी के घर जाया करते थे। आप और मैं भी खूब गए होंगे। जो बात हम मां-बाप से नहीं सिख पाते थे। हंसते खेलते आसानी से वहां से सिख के आ जाते थे। लेकिन आज बच्चों के लिए उनके पहले रिश्तेदार मोबाइल और टीवी है। ऐसे में उनका ध्यान अपनी ओर खींचना वाकई मुश्किल टास्क है। आज हम आपको बता रहे है कुछ आसान और मजेदार टिप्स जिन्हें अपनाकर बच्चों को आप कुछ अलग सिखा सकती है।

बच्चों को बड़े-बड़े भाषण ना देकर प्रैक्टिकल और छोटे-छोटे उदाहरण देकर बात अपनी बात स्पष्ट करें। जैसे उन्हे पर्यावरण के मुद्दे पर अगर आप समझा रहे है तो बात की शुरूआत अपने  बालकनी में रखें गमले से कर सकते है। बच्चे जिस बात से जितना जुडाव महसूस करेंगे। उतनी जल्दी उस बात को सिखेंगें।

लड़का हो या लड़की उन्हे गुड या बैड टच के बारें में अच्छे से समझाए। जरूरी नहीं के आप एक ही दिन में उसे सब समझाए। धीरे-धीरे स्पष्ट रूप से अपनी बात रखें।

बच्चों से बात करते हुए उसके पेरेंट नहीं उसके दोस्त बनें और कोशिश करें कि आप एक अच्छे वक्ता भी बनें जैसे कि अगर बच्चा कोई बात कह रह है तो उसे ध्यान से सुनें। हमारे लिए वो बात छोटी हो सकती है लेकिन शायद बच्चे के मन में उसी बात को लेकर कई सवाल हो।

बच्चों को रेगुलर स्तर पर नानी,दादी और बुआ आदि क्लोज रिश्तेदारों के बारें में बताएं। अगर मिलना पॉलिबल ना हो तो फोन पर बच्चे की उन से कभी बात करवाए। अपनी बातों में उनका जिक्र करते रहे। इसे बच्चे रिश्तों का महत्व समझेंगे।

गलती से भी बच्चों के सामने घर में काम करने वाली बाई, अपने पड़ोसी या अन्य रिश्तेदारों की बुराई ना करें। इससे आपको उस समय तो कोई असर नही दिखेगा। लेकिन बच्चे के मन में कड़वाहट बढ़ती जाएगी।