रिजल्ट आने के बाद दिमागी तौर पर दें बच्चों का साथ

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Photo Courtesy : Mother Nature Network

सीबीएसई ने 10वीं कक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं. रिजल्ट घोषित होने के बाद उन बच्चों के चेहरे पर तो खुशी है जिन्होंने अच्छे अंक से पेपर पास किए हैं, लेकिन वो बच्चे परेशान हैं, जिनके नंबर कम आए हैं. 10वीं के बाद बच्चों को विषय का चयन करना होता है, इसलिए बच्चों को ज्यादा टेंशन रहती है. बच्चे जितनी टेंशन में हैं, उससे कहीं ज्यादा उनके माता-पिता चिंतित है. अगर आपके भी बच्चे के नंबर कम आए हैं, तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं हैं. क्योंकि आपके बच्चों के अंदर का छिपा टेलेंट जरूरी नहीं है कि पन्ने पर उतर ही जाए. हो सकता है आपका बच्चा अन्य कामों में तेज हो. एक बच्चे के पास सिर्फ उसकी मां ही होती है जो सारी परेशानियों को समझती हैं. इसलिए जरूरी है कि आप उनका साथ दें.

रिजल्ट आने के बाद दिमागी तौर पर दें बच्चों का साथ

ये सिर्फ एक शुरुआत है – रिजल्ट आने के बाद बच्चों को दिमाग में यह बात ध्यान रखनी चाहिए कि 10वीं का बोर्ड रिजल्ट छात्रों के लिए एक मात्रा शुरुआत है. आपको इस वक्त यह सोचने पर जोर देना चाहिए कि आपको आगे क्या करना है, क्योंकि आने वाले 5 सालों में आपसे कोई नहीं पूछने वाला कि आपने किस क्लास में कितना स्कोर किया है. बल्कि यह देखा जाएगा कि आप करियर के किस मुकाम पर है.

मेडिटेशन- दिमाग को तनाव से दूर रखने के लिए मेडिटेशन या फिर योगा का सराहा ले सकते हैं.

दिमाग पर ज्यादा जोर ना दें – रिजल्ट आते वक्त दिमाग में सिर्फ एक बात ध्यान रखनी चाहिए कि जो हो गया है उसे बदला नहीं जा सकता है, इसलिए पॉजिटिव सोचे. हायर एजुकेशन में कम नंबर आने पर भी कहां पर एडमिशन मिल सकता है इस पर विचार करें.

अपने पसंदीदा काम करें– रिजल्ट के बारे में ज्यादा सोचने से अच्छा है आपको जो काम पंसद है वो करें. आप चाहे तो कहीं घूमने जा सकते है. माता-पिता बच्चों का ध्यान भटकाने के लिए उन्हें पिकनिक पर लेकर जा सकते हैं.