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Hemlata Gautam

Hemlata Gautam
नंदिनी अशोक एक जानीमानी इंडियन क्लासिकल डांसर। चेन्नई में पली – बड़ी नंदिनी अशोक आज मुंबई में श्री पवित्रा कला अकेडमी (SHREE PAAVITRA ARTS ACADEMY)चलाती हैं।
ये अकेडमी असल में एक एनजीओ है। जहां Nadhini अंडरप्रिवलेज बच्चों को क्लासिकल डांस सिखाती हैं। ये वो बच्चें हैं जो इस कला की शिक्षा लेना चहाते हैं पर फीस न होने की वजह से इससे वंचित रह जाते हैं।
नंदिनी अशोक ने महज 10 साल की उम्र में भरतनाट्यम सीखना शुरू कर दिया था। सिटी वूमन मैग्ज़ीन से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया –  ‘‘भरतनाट्यम सीखते सीखते एक वक्त ऐसा आया जब भरतनाट्यम मेरा पैशन, मेरा जूनून बन गया। मैंने डिसाइड किया कि आगे जाकर मैं इसी में अपना करियर बनाउंगी।’’

Nandhini Ashok

क्लासिकल डांस में अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद, 1998 में Nandhini ने भरतनाट्यम की शिक्षा देनी शुरू कर दी। अपने पति की मदद और सर्पोट से श्री पवित्रा कला अकेडमी (SHREE PAAVITRA ARTS ACADEMY)शुरू की। जिसका मकसद यंग और आगे आने वाले कलाकारों को एक मंच देने की कोशिश करना और जनता के बीच क्लासिकल डांस के लिए जागरूकता फैलाना है।
इसके अलावा Nandhini मुम्बई में डिफरेंटली एबलड बच्चों को भी क्लासिकल डांस सिखाती हैं। ये वो बच्चे हैं जिनके लिए डांस आज उनकी स्पेशल एबिलिटी बन चुकी है।
Nandhini का कहना है कि ‘‘क्लासिकल डांस में एक सूकून है। इस कला के साथ जुड़ने के बाद यही सूकून आपको अपनी ज़िन्दगी में भी महसूस होता है। ’’
अक्सर कुछ लोग नंदनी से सवाल करते हैं कि ‘‘ नंदिनी अशोक आपके बाद इन बच्चों को कौन सहारा देगा ? तो मेरा जवाब होता है उनकी डांस कला, जो इन बच्चों का साथ कभी नहीं छोड़ेगी। उनकी यही कला उन्हें करियर में सफलता और काम दोनों देगी। उन्हें किसी पर निर्भर रहने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। ’’
Nandhini Ashok with children
Nandhini Ashok with children
नंदिनी अशोक आज एसोसिएशन आॅफ भरतनाट्यम आर्टिस्ट आॅफ इंडिया और Conseil International de la Danse की सदस्य हैं। नंदिनी अशोक को ”नृत्य शीवाली” और ”नृत्य रत्ना” के टाइटल से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें अंडरप्रिवलेज बच्चों को डांस कला सिखाने, अपनी सेवा देने के लिए भी अवाॅड से नवाजा गया है।
नंदिनी अशोक का आज बस एक ही मकसद है भरतनाट्यम को बढ़ावा देना और वंचित वर्ग के छात्रों को, विशेष रूप से युवा लड़कियों को शास्त्रीय नृत्य की शिक्षा देना। ताकि वो डांस में बैचलर और मास्टर डिग्री पूरी कर अपना कैरियर बना सके।