प्रकृति को संरक्षित रखने का संदेश देती : हरप्रीत आहलूवालिया

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प्रकृति ने हमें कितना कुछ दिया है पर व्यस्त दिनचर्या और बढ़ती ज़रूरतों के कारण न तो हम उसे सहेज कर रख पाते हैं और न ही प्रकृति को कुछ लौटा पाते हैं।

क्या कभी ऐसा कोई ख्याल आपके मन में कभी आया ? बिलकुल आया होगा पर शायद इसके जवाब में आप कुछ कर नहीं पाए होंगे।

पर जब ऐसा ही एक ख्याल, एक दिन हरप्रीत अहलूवालिया के ख्याल में आया तो उन्होंने निश्चय किया की वो अपनी इस भूमि को ज़रूर कुछ देंगी। क्यूंकि ये वही भूमि है जिसे हम मातृभूमि कहते हैं। ये वही मात्रभूमि है जिसके होने से ही हमारा अस्तित्व है।

पर क्या ? हरप्रीत अहलूवालिया ने अपनी प्रकृति को सुंदर व स्वच्छ बनाए रखने के उद्देश्य से शुरुआत की ‘अर्थली क्रिएशंस’ की। हरप्रीत अहलूवालिया की रुचि मिट्टी के बर्तन (पॉटरी) बनाने में थी। इसलिए उन्होंने अपने टेराकोटा पॉटरी लाइन ‘अर्थली क्रिएशंस’ के माध्यम से अपने उद्देश्य को अंजाम देने की ठानी। मास्टरपीस बनाने के लिए उन्होंने अपने साथ 40 कुम्हारों (पॉटर्स) को रखा। आपको बता दें की आज लोग उनके इंटीरियर और एक्सटीरियर डिजाइंस के कायल हो चुके हैं।

हरप्रीत अहलूवालिया देश में बागवानी को एक अलग स्तर पर ले जाना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने उसे एक बिलकुल अलग सोच और दिशा देने का काम किया है। हरे-भरे लॉन, झाडिय़ों और गोलाकार गमलों को सुंदर रूप देने की कोशिश में हैंगिंग्स, डैंगलर्स, वॉटर बॉडीज और पक्षी और पशु रूपी गमले डिजाइन किए हैं। उनकी रचनाओं में सौंदर्य और गुणवत्ता के मिले-जुले रूप की विशेष झलक होती है।

हरप्रीत अहलूवालिया बस यही है चाहती हैं कि उन्हें देखकर आने वाली जनरेशन प्रेरित हो जाएं और आगे जाकर वे इससे बेहतर बनाने का निश्चय कर लें।

हरप्रीत अहलूवालिया के ‘अर्थली क्रिएशंस’ के माध्यम से 40 मूर्तिकारों को रोज़गार मिला। साथ ही उनके परिवारों का भी विशेष ख्याल रखा गया। ‘अर्थली क्रिएशंस’ के ज़रिये उनकी आम जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई आदि का ध्यान रखा जाता है।

खूबसूरत डिज़ाइनर गमले और पौधे को लगाकर प्रकृति को संरक्षित रखने का संदेश देना का ये अंदाज़ सच में कबीले तारीफ है। थीम पाक्र्स में सुंदर कलाकृतियां और सजावट लोगों को वहां जाने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। बोर्ड रूम्स, कैंटींस या कार्य क्षेत्रों को हरा-भरा रखने से वहां ताजगी का एहसास होता है। त्योहारों व अन्य मौकों पर इस तरह के उपहार देने से लोग इन्हें ताउम्र सहेज कर व याद रखते हैं।

इन गमलों को बजट का ध्यान रखते हुए बनाया गया है, जिससे कि ये हर किसी तक आसानी से पहुंच सकें। ‘अर्थली क्रिएशंस’ अपने बिजनेस को एक नए आयाम तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है, वे अपने स्तर को अधिक बेहतर बना रहे हैं।

मैनेजमेंट प्रोफेशनल, हरप्रीत आहलूवालिया दिल से एक कलाकार, स्वभाव से एक्सप्लोरर और फिलहाल एक क्रिएटर हैं। उनकी इस यात्रा को शुरू हुए 10 वर्ष का समय हो चुका है। शैक्षिक योग्यता के तौर पर उन्होंने बिजनेस मैनेजमेंट में ग्रेजुएट सर्टिफिकेट हासिल किया है, जिसमें मार्केटिंग/फाइनेंस में मेजर किया है। उसके अलावा वे यूनिवर्सिटी टॉपर और इकोनॉमिक्स में गोल्ड मेडलिस्ट पोस्ट ग्रेजुएट हैं। इसके साथ ही उन्हें गार्डनिंग एंड एनवायरमेंटल स्पेस में एक्सपर्टीज हासिल है, जिससे टेराकोटा गार्डन एक्सेसरीज और डेकोरेशंस को वे नया रूप दे पाती हैं।

हरप्रीत आहलूवालिया ‘अर्थली क्रिएशंस’ की संस्थापक और मुख्य डिजाइनर हैं। जिसकी स्थापना लोगों व मूर्तिकारों के हितों को ध्यान में रखते हुए की गई थी। अभी तक उनके इस कार्य में उन्हें 1 लाख से अधिक लोगों का सहयोग मिल चुका है, जिनका मकसद दुनिया को सुंदर व प्राकृतिक आबोहवा से भरपूर बनाना है। अब तक वे 800 से अधिक कॉन्सेप्ट बना चुकी हैं, जिनमें मुख्य रूप से जानवर व पक्षी रूपी गमले, वॉटर बॉडीज, घोंसले आदि शामिल हैं।