फिल्म लीक के पीछे की हकीकत

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प्रियंका चोपड़ा की बेहद प्रतीक्षित क्वांटिको 3 से लेकर उड़ता पंजाब और पार्च्ड तक,  असंख्य बड़ी बजट की फिल्में रिलीज से पहले ही पायरसी का शिकार हो जाती हैं।
लेकिन इन लीक्स के पीछे की सच्चाई क्या है?
इसी बारे में बात करते हुए सोशल मीडिया एक्सपर्ट राजू सिंह राठौर बताते हैं, ” ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण होता है, क्योंकि एक फ़िल्म सिर्फ एक फ़िल्म नही बल्कि सैंकड़ों लोगों की महीनों की मेनहत होती है। लेकिन आज के दौर में मार्केटिंग और तुरंत मशहूर हो जाने की होड़ में पीआर एजेंसी के बार जानबूझकर फ़िल्म के कुछ सीन को लीक कर देते हैं । लेकिन कभी-कभी ये तरकीब फेल हो जाती है और सब कुछ उल्टा पढ़ जाता है। एक कोशिश जो फ़िल्म की पब्लिसिटी के लिए की जाती है वो अक्सर नेगेटिव क्रिटिसिज्म का शिकार हो जाती है और बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर इसका असर पड़ता है।”
बॉलीवुड की लेटेस्ट फ़िल्म जूली 2 भी इसी तरह के हालात में फँस गई जब इस फ़िल्म के कुछ इंटिमेट सीन सोशल मीडिया पर लीक हो गए। देशभर में हवा बनने के बावजूद ये फ़िल्म दर्शकों को थिएटर तक खींच लाने में असफल रही। खैर हम ये तो नही कह सकते कि लीक जानबूझकर किया गया था या नही लेकिन ये तो तय है कि इसका असर कुछ खास नही हुआ ।
लेकिन कैसे पता करें कि सच्चाई क्या है?
राजू सिंह बताते हैं , “आज के दर्शक खुद इतने स्मार्ट हैं कि उन्हें सब पता होता है कि क्या जानबूझकर किया गया है और क्या गलती से हुआ।”
“इसके अलावा फिल्म लीक के खिलाफ कानून बहुत सख़्त है। ऐसे में अगर लीक किसी के वजह से हुआ है या किसी के हैक करने के कारण हुआ है तो, संबंधित अधिकारी तुरंत एक्शन लेकर दोषी पर कानूनी कार्यवाही कर सकते हैं । इसका मजबूत उदाहरण है, फ़िल्म कबाली, जो फ़िल्म के रिलीज़ से पहले टोरेंट पर मौजूद थी लेकिन कुछ घंटों के भीतर ही इसे हटा दिया गया।इस लीक के पीछे जो व्यक्ति था, उसे गिरफ़्तार भी कर लिया गया।”
अंत में, ऐसी घटनाओं को टाला नही जा सकता है, सिर्फ सावधान रहा जा सकता है। समय आ गया है जब फ़िल्म निर्माता अपनी फिल्मों की सुरक्षा के लिए एक बेहतर फायरवॉल का निर्माण करें ।